अभी अभी खुशदीप सहगल भाईसाहब की एक बहुत ही मज़ेदार पोस्ट कुर्सी पे बैठा एक कुत्ता...खुशदीप पढ़ी। मज़ा आ गया मगर आप एक बात बताइए ? अचानक हैडिंग पढ़ने से क्या आभास हो रहा है ? हा हा। अब मेरे को कुछ मत बोलना आप लोग। मैं सिर्फ़ मज़ाक कर रहा हूँ। खुशदीप भैया, दुष्ट बेनामियों के आने के पहले जल्दी इस इंबैलेंस हैडिंग को ठीक करो नहीं तो, मैं नहीं जानता फ़िर ! हा हा जस्ट जोकिंग सीरियसली मत लेना। ओ.के.